Latest Update, Syllabus

मध्‍यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा सिलेबस 2025 | MP Primary Teacher Vacancy 2025 Syllabus

Updated: 13-07-2025, 01.17 AM

Follow us:

Job Details

Salary :

Post Name :

Qualification :

Age Limit :

Exam Date :

Last Date :

Apply Now

WWW.MPVACANCY.IN

विषयवस्‍तु प्रश्‍नो की संख्‍या कुल अंक
हिन्‍दी भाषा 15 15
अंग्रेजी भाषा   15 15
गणित 20 20
विज्ञान 30 30
सामाजिक विज्ञान 20 20
कुल 100 100
  • नोट – परीक्षा का स्‍तर 12वी कक्षा का रहेगा
  • इकाई – 1 अपठित गद्यांश व्याख्या, बोधगम्यता, व्याकरण एवं निष्कर्ष क्षमता आदि के आकलन हेतु अपठित बोध (तथ्यात्मक, वर्णात्मक एवं साहित्यिक) अपठित पद्यांण-भावार्थ, बोधगम्यता, व्याकरण एवं निष्कर्ष क्षमता आदि के आकलन हेतु अपठित बोध ।

 

  • इकाई – 2 हिन्दी वर्णमाला एवं वणों के उच्चारण स्थान, वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धियाँ, संज्ञा-लिंग, वचन तथा कारक, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, किया-विशेषण, अव्यय, तत्सम शब्द, तद्भव शब्द, देशज शब्द, विदेशी शब्द, पर्यायवाची विलोम शब्द, अनेक शब्दों/वाक्यांश के लिए एक शब्द ।

 

  • इकाई – 3 वाक्य संरचना- वाक्य के भेद (रचना के आधार पर, अर्थ के आधार पर), वाक्य विश्लेषण, संश्लेषण एवं रूपांतरण, वाक्य रचना संबंधी अशुद्धियों, मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ, संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय ।
  • Unit – 1 Reading: Unseen Passage-Prose/poetry (Factual, descriptive or literary) to assess comprehension, interpretation, inference and Vocabulary-Synonyms, Antonyms.

 

  • Unit- 2 One-word substitution, Prefix, suffix Parts of Speech-Noun, Pronoun, Prepositions, Conjunctions, Verb, Adverbs, Adjectives, Determiners, Articles, Degree.

 

  • Unit – 3 Tense, Subject-verb agreement, Transformation of sentences-affirmative, negative, interrogative, Kinds of Sentences-Simple, Compound Sentences, Complex Sentences
  • इकाई – 1 संख्या पद्धतिः संख्या पैटर्न, मूलभूत संक्रियाओं (+,-,×,÷) पर आंकिक प्रश्न, समय, माप और मुद्रा पर आंकिक प्रश्न, स्थाई मान, हिन्दू-अरबी अंक पद्धति, अंतर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति, संख्याओं की तुलना, व्यावहारिक प्रयोग में बड़ी संख्याएँ, रोमन संख्यांक, पूर्ण संख्याएँ, संख्या रेखा, पूर्ण संख्याओं के गुण, पूर्ण संख्याओं में प्रतिरूप, गुणनखंड और गुणज, अभाज्य और भाज्य संख्याएँ, समं और विषम संख्याएँ, संख्याओं की विभाज्यता की जाँच, सार्व गुणनखंड और सार्व गुणज, अभाज्य गुणनखंडन, महत्तम समापवर्तक, लघुत्तम समापवर्त्य, पूर्णांक, भिन्न, दशमलव, परिमेय संख्याएँ, वर्ग और वर्गमूल, घन और घनमूल, घातांक और घात, अपरिमेय संख्याएँ, वास्तविक संख्याएँ और उनके दशमलव प्रसार, संख्या रेखा पर वास्तविक संख्याओं का निरूपण, वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ, वास्तविक संख्याओं के लिए घातांक-नियम, अंकगणित की आधारभूत प्रमेय | अनुपात और समानुपातः राशियों की तुलना, अनुपात और समानुपात, सीधा और प्रतिलोम समानुपात । वीजगणितः बीजीय व्यंजक, बीजीय व्यंजकों के गुणनखंड, बहुपद, एक घर वाले बहुपद, बहुपद के शून्यक, शेषफल प्रमेय, बहुपदों का गुणनखंडन, बीजीय सर्वसमिकाएँ, बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अर्थ, किसी बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध, बहुपदों के लिए विभाजन एल्गोरिथ्म, रैखिक समीकरण, एक चर में रैखिक समीकरण, रैखिक समीकरण का हल, दो चरों वाले रैखिक समीकरण का आलेख, x-अक्ष और y-अक्ष के समांतर रेखाओं के समीकरण, दो घरों में रैखिक समीकरण युग्म, रैखिक समीकरण युग्म का ग्राफीय विधि से हल, एक रैखिक समीकरण युग्म को हल करने की बीजगणितीय विधियाँ, दो चरों के रैखिक समीकरणों के युग्म में बदले जा सकने वाले समीकरण, द्विघात समीकरण, गुणनखंडों द्वारा द्विघात समीकरण का हल, द्विघात समीकरण का पूर्ण वर्ग बनाकर हल, मूलों की प्रकृति |

 

  • इकाई – 2 ज्यामिति एवं निर्देशांक ज्यामितिः सममिति, रेखाएँ एवं कोण, प्रतिच्छेदी रेखाएँ और अप्रतिच्छेदी रेखाएँ, कोणों के युग्म, समांतर रेखाएँ और तिर्यक रेखा, एक ही रेखा के समांतर रेखाएँ, त्रिभुज, त्रिभुजों के प्रकार, त्रिभुज का कोण योग गुण, त्रिभुज के गुण, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कसौटियाँ, एक त्रिभुज में असमिकाएँ, समरूप आकृतियाँ, त्रिभुजों की समरूपता, त्रिभुजों की समरूपता के लिए कसौटियों, समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल, पाइथागोरस प्रमेय, चतुर्भुज, चतुर्भुज का कोण योग गुण, चतुर्भुज के प्रकार, समांतर चतुर्भुज के गुण, चतुर्भुज के समांतर चतुर्भुज होने के लिए प्रतिबन्ध, मध्य-बिंदु प्रमेय, समांतर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रफल, एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच आकृतियाँ, एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच समांतर चतुर्भुज, एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच त्रिभुज, वृत्त और इससे संबंधित पद, जीवा द्वारा एक बिंदु पर अंतरित कोण, केंद्र से जीवा पर लम्ब, तीन बिन्दुओं से जाने वाला वृत्त, समान जीवाएँ और उनकी केंद्र से दूरियाँ, एक वृत्त के चाप द्वारा अंतरित कोण, चक्रीय चतुर्भुज, वृत्त की स्पर्श रेखा, एक बिंदु से एक वृत्त पर स्पर्श रेखाओं की संख्या, निर्देशांक ज्यामिति (द्वि-विमीय), कार्तीय पद्धति, तल में एक बिंदु आलेखित करना जबकि इसके निर्देशांक दिए हुए हों, दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र, त्रिभुज का क्षेत्रफल ।

 

  • इकाई – 3 क्षेत्रमितिः परिमाप और क्षेत्रफल, हीरोन का सूत्र, त्रिभुज का क्षेत्रफल हीरोन के सूत्र द्वारा, चतुर्भुजों के क्षेत्रफल शात करने में हीरोन के सूत्र का अनुप्रयोग, वृतों से संबंधित क्षेत्रफल, वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड के क्षेत्रफल, समतल आकृतियों के संयोजनों के क्षेत्रफल, घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल, घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल, लंब वृत्तीय बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल, लंब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल, गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल, घनाभ का आयतन, धन का आयतन, लंब वृत्तीय बेलन का आयतन, लंब वृत्तीय शंकु का आयतन, गोले का आयतन, ठौसी के एक संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल, ठोसों के एक संयोजन का आयतन, एक ठोस का एक आकार से दूसरे आकार में रूपांतरण, शंकु का छिन्त्रक |

 

  • इकाई 10 सांख्यिकी एवं प्रायिकताः सांख्यिकी, आंकड़ों का संग्रह, आंकड़ों का प्रबंधन, आंकड़ों का प्रस्तुतिकरण, आंकड़ों का आलेखीय निरूपण, केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप, वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य, वर्गीकृत आंकड़ों का बहुलक, वर्गीकृत आंकड़ों का माध्यक, संचयी बारंबारता बंटन का आलेखीय निरूपण, प्रायिकता, प्रायिकता एक प्रायोगिक दृष्टिकोण, प्रायिकता एक सैद्धांतिक दृष्टिकोण,यादृच्छिक परीक्षण, घटना । त्रिकोणमितिः त्रिकोणमिति, त्रिकोणमितीय अनुपात, कुछ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात ( 0°, 30°, 45°, 60°, 90°), पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात, त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ ( sin+cos20=1,1+tan20sec, 1+cot² = cosec²), ऊँचाइयों और दूरियाँ ।
  • यूनिट – 1 जैविक वर्गीकरण- पादप जगत वर्गीकरण, जंतु जगत वर्गीकरण, मनुष्य में पाचन, श्वसन, उत्सर्जन, परिसंचरण, प्रजनन, तंत्रिका तंत्र की संरचना एवं कार्य मनुष्य में पेशीय समन्वय एवं नियंत्रण मनुष्य में अंतः स्रावी तंत्र विभिन्न प्रकार की अंत स्लावी ग्रंथियां एवं उनसे निकलने वाले हार्मोन व उनके कार्य कोशिका एवं कोशिका अंगक विभिन्न कोशिका अंगों के कार्य पादप तथा जंतु ऊतक व उसके प्रकार जैव अणु- कॉर्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, लिपिड्स, न्यूक्लिक एसिड, एंजाइम, विटामिन जीवन की उत्पति, जैव विकास, आनुवांशिकी एवं विभिन्नताएँ प्रजनन स्वास्थ्य आवश्यकता एवं लैंगिक संचारित रोग (STD), यौन संचारित रोगों की रोकथाम, जन्म नियन्त्रण की आवश्यकता एवं विधियों पर्यावरण के घटक, पारिस्थितिकी तंत्र व इसके घटक, पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, जैवविविधता मानव स्वास्थ्य तथा रोग रोगजनक, मानव रोग उत्पन्न करने वाले परजीवी प्रतिरक्षा विज्ञान की मूलभूत अवधारणा, वैक्सीन, कैंसर, एचआईवी-एड्स, किशोरावस्था की सामान्य समस्याएं, औषधि एवं अल्कोहल व्यवसन ।

 

  • यूनिट – 2 पुष्पीय पौधों की आकारिकी पुष्पीय पौधों के विभिन्न भाग, जड़, तना, पत्ती, पुष्पक्रम, पुष्प, फल, बीज की संरचना जड़ तना, पत्ती के रूपान्तरण। पुष्पीय पौधो की शारीरिकी एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री के ऊतक तंत्र की शारीरिकी एवं उनके कार्य एक बीज पत्री जड़ व द्विबीजपत्री जड़ की संरचना एक बीज पत्री तने व द्विबीजपत्री तने की संरचना, एक बीज पत्री पत्ती व द्विबीजपत्री पत्ती की संरचना, द्वितीयक वृद्धि उच्च पादपों में प्रकाश संशलेषण- स्वपोषी पोषण, प्रकाशीय वर्णक, चक्रीय एवं अचक्रीय प्रकाश का फास्फेटीकरण, प्रकाशीय श्वसन, प्रकाश संशलेषण को प्रभावित करने वाले कारक। पौधों में श्वसन, पादपों में परिवहन पादप वृद्धि एवं विकास बीज अंकुरण, वृद्धि नियामक। पुष्पीय पौधों में लैगिक प्रजनन- पुष्प की संरचना, नर एवं मादा गेमेटोफाइट्स का विकास, परागण, द्विनिषेचन, भ्रूण एवं भ्रूणपोष का विकास, बीज एवं फल का विकास फसल उत्पादन एवं प्रबंध पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण, वन संरक्षण, मृदा एवं मृदा जल के प्रकार कचरा संग्रहण एवं निपटान की विभिन्न विधियां ।

 

  • यूनिट – 3 रसायन – परमाणु संरचना- पदार्थों में आवेशित कण, थामसन, रदरफोर्ड एवं बोर का परमाणु मॉडल, विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों का वितरण, संयोजकता, परमाणु संख्या तथा द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक एवं समभारिक, हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर मॉडल, बोर परमाणु मॉडल के विकास की पृष्ठभूमि, परमाण्विक स्पेक्ट्रा, परमाणु का क्वांटम यांत्रिकी मॉडल ।

 

  • यूनिट -4 रसायन – हाइड्रोकार्बन-वर्गीकरण, एल्केन, एल्कीन, एल्काइन- नामपद्धति तथा समावयवता, कार्बनिक यौगिकों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म, एथेनाल तथा एथेनोइक अम्ल के गुणधर्म एरोमेटिक हाइड्रोकार्बन: बेंजीन-नामपद्धति तथा समावयवता, भौतिक एवं रासायनिक गुण, कैंसरजन्य गुण तथा विषाक्तत्ता, साबुन तथा अपमार्जक ।

 

  • यूनिट -5 भोतिकी – बल, यांत्रिकी एवंऊष्मा-मात्रक पद्धति, मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक, दूरी, विस्थापन, चाल, वेग, त्वरण, एकसमान त्वरित गति के समीकरण, गति के नियम, संवेग, संवेग संरक्षण, आवेग, स्थैतिक एवं गतिक घर्षण, कार्य, ऊर्जा, शक्ति, गतिज व स्थिति ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण का नियम, गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम, गुरुत्वीय त्वरण, तरलों में दाब, दाब पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव, उत्पलावकता, आर्कमिडीज का सिद्धांत, ताप एवं ऊष्मा, ताप मापन के विभिन्न पैमाने एवं उनमे आपसी सम्बन्ध, विशिष्ट ऊष्मा, चालन, संवहन, विकिरण, अवस्था परिवर्तन एवं गुप्त ऊष्मा।

 

  • यूनिट -6 भोतिकी – विद्युत, चुम्बकत्व, प्रकाश एवं ध्वनि-विद्युत आवेश, कूलाम का नियम, विद्युत क्षेत्र रेखाएं एवं इनके गुण, विद्युत धारा, चालक और कुचालक, ओम का नियम, चालक का प्रतिरोध, दंड चुम्बक, चुम्बकीय क्षेत्र, चुम्बकीयक्षेत्र रेखाएं एवं इनके गुण, विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव, ऑस्टेंड के प्रयोग, एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाहीचालक पर बल, फ्लेमिंग का बाये हाथ का नियम, विद्युत मोटर (DC), विद्युत चुम्बकीय प्रेरण, फ्लेमिंग का दायें हाथ का नियम, प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पण, प्रकाश का अपवर्तन व उसके नियम, पूर्ण आंतरिक परावर्तन, प्रकाशित तन्तु, लेंस, लैंस सूत्र, लैंस की क्षगता, ध्वनि तरंगें, अनुगूँज (echo), पराश्रव्यतरंगे, पराध्वनि तरंगे।
  • इकाई – 1 भारत- आकार और स्थिति, भारत का भौतिक स्वरूप, मुख्य भौगोलिक वितरण भारत में अपवाह तंत्र, हिमालय की नदियां, प्राय‌द्वीपीय भारत की नदियां भारत की जलवायु, जलवायु नियंत्रण, भारतीय मानसून का आगमन एवं वापसी, प्राकृतिक वनस्पति, वनों के प्रकार सौर मंडल, सूर्य, ग्रह, उपग्रह, शुद्रग्रह, उल्का पिंड ग्लोब, अक्षांश एवं देशांतर, देशांतर और समय की गणना, पृथ्वी के ताप कटिबंध, पृथ्वी की घूर्णन तथा परिक्रमण गतियाँ एवं ऋतुएँ मानचित्र- भौतिक मानचित्र, राजनीतिक मानचित्र, थेमेटिक मानचित्र, मानचित्र के घटक-मापक, दिशा, प्रतीक, रेखाचित्र पृथ्वी के परिमंडल- जलमंडल, स्थलमंडल, वायुमंडल, जैव मंडल, पर्यावरण के धटक, प्राकृतिक पर्यावरण, मानवीय पर्यावरण पृथ्वी की आंतरिक संरचना पृथ्वी के अंतर्जनित बल एवं बहिर्जनिक बल, आकस्मिक एवं पटल विरुपण बल मुख्य स्थलाकृतियां- नदी, पवन, समुद्री तरंग, हिमानी, भूमिगत जल ‌द्वारा अपरदिल तथा निशेपित स्थलरुप वायुमंडल का संघटन- वायुमंडल की संरचना, मौसम एवं अलवायु, वायुदाब, पवनै प्रमुख वायुदाब पेटियां वर्षा के प्रकार, वर्षण के रूप, जल का वितरण, तरंगे, सुनामी, ज्वार- आटा, महासागरीय धाराएं संसाधन से आशय- संसाधनों के प्रकार, संसाधन नियोजन, भू-संसाधन, भारत में भू-उपयोग प्रारूप, भूमि निम्नीकरण और संरक्षण के उपाय, भारत में मृदाओं का वर्गीकरण, मृदा अपरदन और संरक्षण भारत में बहुउ‌द्देशीय नदी परियोजनाएं और समन्वित जल संसाधन प्रबंधन, वर्षा जल संग्रहण कृषि के प्रकार- प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि, गहन जीविका कृषि, वाणिज्यिक कृषि भारत की मुख्य फसलै- चावल, गेहूं, बाजरा, मक्का, चाय, कॉफी, रबड़, जूट खनिज पदार्थ-धात्विक और अधात्विक खनिज, खनिजों का वितरण, खनिज संरक्षण ।

 

  • इकाई- 2 इतिहास से आशय, प्राचीन भारतीय इतिहास जानने के स्रोत पुरातात्विक स्रोत, साहित्यिक सोत, महाकाव्य, विदेशी यात्री वृतांत, शिलालेख, मुद्राशास्त्र, पाषाण काल, ताम्रपाषाणिक संस्कृति हड़प्पा संस्कृति (सिन्धु घाटी सभ्यता) धार्मिक, सांस्कृतिक एवं दार्शनिक विचारों का विकास एवं आधारभूत अध्ययन वैदिक काल, बौद्ध, जैन, वैष्णव, शैव, सोलह महाजनपद-मगध का उत्कर्ष प्राचीन भारतीय राजवंश हयेक शिशुनाग, मौर्य, कुषाण, गुप्त, वर्धन, चोल, चालुक्य. पल्लव राजपूली का उदय- गुर्जर प्रतिहार, चंदेल, राष्ट्रकूट, परमार, चौहान व मुस्लिम आक्रमण दिल्ली सल्लनत, विजयनगर साम्राज्य एवं मुगल सामाज्य, मराठों का उत्कर्ष धार्मिक-सामाजिक आन्दोलनः भक्ति सूफी आन्दोलन, सिख धर्म आधुनिक भारतीय इतिहास के स्रोत यूरोपियनों का भारत में आगमन-(पुर्तगाली, डच, फ्रांसीसी, अंग्रेज), ब्रिटिश शासन की स्थापना एवं भारतीय क्षेत्रों में उनके युद्ध, ब्रिटिश नौतियाँ, उनका आर्थिक एवं प्रशासनिक ढांचा भारतीय पुनर्जागरण-सामाजिक-धार्मिक आन्दोलन एवं प्रमुख विचारक भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन-1857 का स्वतंत्रता संग्राम, प्रमुख जनजातीय विद्रोह, किसान आंदोलन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की विचारधारा तथा कार्यक्रम, क्रांतिकारियों की गतिविधियाँ, गांधीवादी जन आंदोलन. राष्ट्रीय आम्दोलन के प्रमुख व्यक्तित्व भारत का संवैधानिक विकास एवं निर्माण (1773-1950 ई.) फ्रांसीसी कौति, जर्मनी का एकीकरण, इटली का एकीकरण यूरोप में समाजवाद, रुसीकांति, प्रथम विश्व युद्ध, राष्ट्रसंघ, द‌द्वितीय विश्व युद्ध, संयुक्त राष्ट्र नात्सीवाद, फासीवाद औ‌द्योगीकरण ।

 

  • इकाई – 3 राजनीतिक सिद्धांत का बोध-अर्थ, परिभाषा, महत्व राज्य की अवधारणा अर्थ, परिभाषा, महत्व, तत्व, राज्य की उत्पत्ति के विविध सिद्धांत मूल राजनीतिक अवधारणाएँ स्वतंत्रता, समानता, सामाजिक न्याय और अधिकार लोकतंत्र और विविधता अर्थ, विशेषताएं समानताएँ, असमानताएँ एवं विभाजन, विविधताओं में सामंजस्य एवं टकराव भारत का संविधान- गठन, निर्माण की प्रक्रिया, उ‌द्देशिका, स्त्रीत, विशेषताएँ, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नीति निर्देशक तत्व, संविधान संशोधन प्रक्रिया भारतीय प्रजातंत्र की कार्यप्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था-संघात्मक शासन, प्रशासनिक शक्तियों का केन्द्र व राज्य सरकार के मध्य विभाजन, सरकार का स्वरूप-व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, स्थानीय स्वशासन- 73 वां एवं 74 वां संविधान संशोधन, राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग भारत में नियोजन (पंचवर्षीय योजनाएं) एवं नीति आयोग प्रजातंत्र के समक्ष प्रमुख चुनौतियों जनसंख्या विस्फोट, बेरोजगारी, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद, मादक पदार्थों का सेवन, प्रजातन्त्र की सफलता में बाधक तत्व एवं उनको दूर करने के उपाय भारत में निर्वाचन- निर्वाचन आयोग का गठन, कार्य, निर्वाचन प्रक्रिया, सुधार, चुनौतियां, महिलाओं की निर्वाचन में भूमिका राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनीतिक दल, दबाव समूह एवं हिल समूह विश्व के प्रमुख संगठन-दक्षेस (सार्क), आसियान, शंघाई सहयोग संगठन, जी-20 एवं जी-8इकाई – 4 अर्थशास्त्र का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व, अर्थशास्त्र के विभाग-उपभोग, उत्पादन, विनिमय, वितरण एवं लोक वित्त उपयोगिताः अर्थ, एवं प्रकार (सीमांत उपयोगिता, कुल उपयोगिता और औसत उपयोगिता) एवं उनका संबंध उत्पादन अर्थ एवं प्रकार (सीमांत उत्पादन, कुल उत्पादन एवं औसत उत्पादन), उत्पादन के साधन मांग एवं पूर्ति अर्थ, नियम तथा मांग की लोच एवं पूर्ति की लोच लागत एवं आगम अर्थ एवं प्रकार केंद्रीय प्रवृत्ति की माप माध्य, माध्यिका एवं बहुलक अर्थव्यवस्था का अर्थ एवं प्रकार (पूंजीवादी, समाजवादी एवं मिश्रित) अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्याएँ अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक) मुद्रा एवं बैंकिंग- वस्तु विनिमय प्रणाली का अर्थ एवं कठिनाइ‌याँ, मुद्रा एवं मुद्रा के कार्य, बैंक का महत्व, केन्द्रीय बैंक और बाणिज्यिक बैंक एवं उनके कार्य राष्ट्रीय आय- अर्थ तथा संबंधित अवधारणाएं (सकल राष्ट्रीय उत्पाद, शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद, सकल घरेलू उत्पाद, शुद्ध घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय), राष्ट्रीय आय का मापन अंतर्राष्ट्रीय व्यापारः– व्यापार संतुलन एवं भुगतान संतुलन का अर्थ, भुगतान संतुलन की प्रमुख गदै, भुगतान संतुलन में प्रतिकूलता के कारण, आयात-निर्यात का आर्थिक विकास में महत्य भारत में उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण की नीति-महत्व एवं प्रभाव ।

 

Apply Now Link

Note: The link above will take you to the job application. Copy the link and open it in a new tab. Best of luck!

For more job updates, please join our WhatsApp and Telegram channels. We update new jobs daily. Also, please share this post with your relatives and friends to help them try for this job. Sharing is caring.

Related Job Posts

Leave a Comment